हमारे बारे में

मंदिर सेवा
अन्नदान वैदिक शिक्षा

हमारी संस्था

"सेवा परमो धर्म:" - सेवा ही सर्वोच्च धर्म है

वर्ष 2010 में स्थापित हमारी संस्था "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के मूल मंत्र पर कार्य करती है। हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग को शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास के अवसर प्रदान करना है।

हमारी दृष्टि

"वसुधैव कुटुम्बकम" के सिद्धांत पर आधारित समरस समाज का निर्माण

हमारा मिशन

धर्म, संस्कृति और सेवा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाना

मंदिर विकास एवं संरक्षण

वैदिक शिक्षा कार्यक्रम

अन्नदान एवं वस्त्रदान

महिला सशक्तिकरण

"धर्मो रक्षति रक्षितः" - धर्म की रक्षा करो, धर्म आपकी रक्षा करेगा