सामाजिक संस्था में आपका स्वागत है

शुद्धता आती है विश्वास से

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मंदिर सेवा
अन्नदान वैदिक शिक्षा

हमारी संस्था

"सेवा परमो धर्म:" - सेवा ही सर्वोच्च धर्म है

वर्ष 2010 में स्थापित हमारी संस्था "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के मूल मंत्र पर कार्य करती है। हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग को शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास के अवसर प्रदान करना है।

हमारी दृष्टि

"वसुधैव कुटुम्बकम" के सिद्धांत पर आधारित समरस समाज का निर्माण

हमारा मिशन

धर्म, संस्कृति और सेवा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाना

मंदिर विकास एवं संरक्षण

वैदिक शिक्षा कार्यक्रम

अन्नदान एवं वस्त्रदान

महिला सशक्तिकरण

"धर्मो रक्षति रक्षितः" - धर्म की रक्षा करो, धर्म आपकी रक्षा करेगा

हमारी गतिविधियाँ

हमारी प्रमुख सेवाएँ

मंदिर विकास

हम ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं रखरखाव का कार्य करते हैं

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दान एवं परोपकार

"दानं भागवतं प्रोक्तं" के सिद्धांत पर हम विभिन्न दान कार्यक्रम आयोजित करते हैं

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वैदिक शिक्षा

हमारे "वेद पाठशाला" केंद्रों में बच्चों को निःशुल्क संस्कृत एवं वैदिक ज्ञान की शिक्षा

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गीता ज्ञान

नियमित गीता पाठ एवं व्याख्यान कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को कर्मयोग की शिक्षा

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महिला सशक्तिकरण

"स्त्री शक्ति" परियोजना के तहत हम ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु प्रशिक्षण

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निर्धन सहायता

"वसुधैव कुटुम्बकम" की भावना से हम जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र एवं चिकित्सा सहायता

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आगामी कार्यक्रम

१७ अप्रैल २०२४

बुध ०६:३०

राम नवमी महोत्सव

"राम राज्य" के आदर्शों को समर्पित यह वार्षिक उत्सव हमारी संस्था द्वारा आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में श्रीरामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन और सामुदायिक भोज (सात्विक अन्न) का आयोजन होगा। साथ ही बाल राम के लिए विशेष श्रृंगार प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

सहभागी बनें
राम नवमी
२२ दिसम्बर २०२४

रवि ०९:००

गीता जयंती समारोह

भगवद्गीता के ज्ञान को समर्पित यह दिवस हम विशेष रूप से मनाते हैं। कार्यक्रम में गीता पाठ, विद्वानों के व्याख्यान और युवाओं के लिए गीता ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन होगा। साथ ही "कर्मयोग और आधुनिक जीवन" विषय पर परिचर्चा भी होगी।

सहभागी बनें
गीता जयंती
१५ अगस्त २०२४

गुरु १०:००

अन्नदान महाअभियान

"अन्नदान महादान" के सिद्धांत पर आधारित यह विशेष कार्यक्रम हम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित करते हैं। 5000 गरीब परिवारों को सात्विक भोजन वितरित किया जाएगा। स्वयंसेवकों के लिए पंजीकरण खुला है - "सेवा ही सच्ची पूजा है"।

सहभागी बनें
अन्नदान
"उतिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।
क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥"
- कठोपनिषद् (1.3.14)

हमारे सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य इसी उपनिषदीय आह्वान के अनुरूप समाज को जागृत करना है।

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हमारे संचालक

परिचय कराएं हमारी सेवा योद्धाओं से

संजय पाण्डेय (बॉबी)

संजय पाण्डेय (बॉबी)

अध्यक्ष

"सेवा परमो धर्म:" के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए संजय जी पिछले 15 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। रामकृष्ण मिशन से प्रेरित होकर इन्होंने इस संस्था की स्थापना की। इनका मानना है कि "समाज सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है"। इनके नेतृत्व में हमारी संस्था ने 100+ गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के कार्यक्रम चलाए हैं।

डॉ. प्रिया शर्मा
डॉ. प्रिया शर्मा

सचिव

"समाज सेवा मेरी साधना"

पंडित रमेश तिवारी
पंडित रमेश तिवारी

धर्म प्रचारक

"धर्म और सेवा का संगम"

सुमन लता
सुमन लता

स्वयंसेविका

"सेवा ही मेरा धर्म"

हमारी प्रेरणा

"यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥"
- भगवद्गीता (3.21)

हमारी टीम का मार्गदर्शन करने वाला यह श्लोक हमें सिखाता है कि समाज के श्रेष्ठजनों के आचरण का अनुसरण सभी करते हैं। इसलिए हम सदैव उच्च आदर्शों के साथ सेवा कार्य करते हैं।